शैक्षणिक संस्थानों में सी-डॉट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (C-DOT COE)
(दूरसंचार में नवाचार और सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन)
परिचय
सी-डॉट की COE पहल का उद्देश्य प्रतिष्ठित संस्थानों की शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ सी-डॉट की विशेषज्ञता को समन्वित करके दूरसंचार प्रौद्योगिकी में भारत के नेतृत्व को तेज़ करना है। यह केंद्र मूलभूत तथा अनुप्रयुक्त अनुसंधान दोनों के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिसका फोकस मोबाइल संचार, साइबर सुरक्षा, क्वांटम संचार, उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा उन्नत दूरसंचार अनुप्रयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सी-डॉट की मौजूदा विशेषज्ञता को और सुदृढ़ करने पर होगा।
कार्य क्षेत्र
शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित COE औपचारिक सहयोग के लिए एक छत्र के रूप में कार्य करेगा, जिसमें निम्नलिखित शामिल होंगे, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं होंगे:
- सहयोगात्मक अनुसंधान और संयुक्त R&D परियोजनाएँ
- टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TTDF) परियोजनाएँ
- सह-वित्तपोषित/प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाएँ (सरकार या उद्योग)
- परामर्श एवं अनुसंधान सलाहकारी परियोजनाएँ
- अनुसंधान अनुबंध परियोजनाएँ
- छात्रों/उद्योग के लिए प्रशिक्षण एवं संयुक्त सेमिनार
- दोनों पक्षों द्वारा सहमति से तय कोई अन्य उपयुक्त सहयोग का माध्यम
प्रौद्योगिकी डोमेन क्षेत्र
भारत की वैश्विक दूरसंचार स्थिति को सुदृढ़ करने के अपने मिशन के अनुरूप, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) निम्नलिखित सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियाँ संचालित करेंगे, परंतु इन्हीं तक सीमित नहीं होंगे:
- मोबाइल प्रौद्योगिकियाँ (4G/5G और उससे आगे)
- ऑप्टिकल और क्वांटम संचार प्रौद्योगिकियाँ
- उन्नत सुरक्षा समाधान
- उन्नत दूरसंचार अनुप्रयोग
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता
कार्यक्रम शासन संरचना
COE का संचालन एक आधारभूत समझौता ज्ञापन (MoU) द्वारा किया जाता है, जबकि विशिष्ट परियोजनाओं को अलग-अलग परियोजना समझौतों के माध्यम से औपचारिक रूप दिया जाता है।